India Against Corruption

अभी -अभी एक पैगाम आया है ,
देश-भक्ती का गुमान छाया है
लोग अब जग रहे हैं ,
दिल्ली की तरफ भाग रहें हैं ।
अब तक देश वासियों को क्या हो रहा था ,
दो दिन पहले हर कोई सो रहा था ।
कैसी चली ये
भ्रष्टाचार की आंधी,
अन्ना हजारे को बना दिया दूसरा गाँधी ।
अब भ्रष्टाचार ईतना बढ गया है ,
लगता है पाप का घड़ा भर गया है ।
आज खोखली हो गयी जीवन की परिभाषा ,
कहा है उम्मीद और कैसी ये आशा ।
हर इन्सान यहाँ पथभ्रष्ट है ,
और कहता है राष्ट्रभ्रष्ट है ।
हमने ही भ्रष्टाचार को बढावा दिया है ,
न जाने कितनों को चढ़ावा दिया है ।
थोडा साहस जुटते तो ये नौबत नहीं आती,
और न ही सांसद में सरकार सोती ।
आज राष्ट्र को ईमानदारी और सच्चाई की रोशनी चाहिए ,
और हमारी कोशिस भी यही होनी चाहिए ।
जय हिंद .............
वन्दे मातरम .........
                                                        
आपका अपना
                                                      विनोद कुमार पटेल


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